MARCH 2019 : OUR DAYS TOGETHER AT HOME (PART – II)

Note: पतिदेवजी, कृपया आलस ना करें 🙏 और सर्वप्रथम इस blog के पहले part को पूर्ण करें, तत्पश्चात ही इस part को शुरू करें..!! वरना…………. 😤😠😡

Please please sonu.. no peeping on second part until you finish first one… 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

कुछ ऐसा ही महसूस होते रहा आपके साथ..
पतझड़ के मौसम में भी होती रही बरसात..
यूँ तो आप हो कर भी नही थे मेरे पास..
लेकिन मेरा हर लम्हा था आपके साथ ख़ास..

आपके घर पे बहूत सारा usual routine था हमारा…..

आपकी बाहें मेरे गले का हार था..
आपका दुलार मेरे लिए बहार था..
गम भी थे, खुशियां भी थी..
कुछ अनोखा ही हमारा प्यार था…

मेरा सुबह 5 बजे का alarm बजते ही उठते वक़्त आपका रोकना.. “थोड़ी देर और सो जा। बाद में उठना”.. और मेरा आपको समझाना “नही सोनू। उठना होगा। वरना काम नही होगा मेरा”.. फ़िर आपका सुत जाना… 😊

कितनी भी देर सोऊं, कितनी भी थकान रहे, सुबह जल्दी उठने की खुशी अलग थी आपके घर पे.. क्योंकि आपकी सेवा करने का.. आपके लिए कुछ करने का.. और इस तरह आपको प्यार दे पाने का एक नया दिन मिलता था मुझे हर रोज….. ☺

मैं कभी कभी सुबह में आपको माथे पे kiss करती थी.. और कुछ देर आपको प्यार से निहार के उठ जाती थी bed से…

वो सुबह भी कितनी हसीन होती थी जो आपको देख कर शुरू होती थी….
उसके बाद brush करती थी.. और पानी का बाल्टी भर के गर्म होने रख देती थी..

एक बार तो कांड ही होगया….. 😂😂

एक रात, हमारी “कुश्ती” के बाद हम दोनों बिना कपड़ों के सो गए थे और भोर 5बजे मैं उठ के बाकी दिनों के जैसे पानी भर के बाल्टी को लेके जा रही थी drawing room में.. क्योंकि पानी गर्म होने देने का point वहीं था… और उस point के पहले आपकी balcony का दरवाजा आता था जोकि गलती से आपने रात में खुला छोड़ दिया था..

और मुझे मालूम ही नही था…

मैं बाकी दिनों के जैसे ही सोची कि सब खिड़की दरवाजे तो आप बंद ही रखते हैं। मैं नहाने ही जा रही थी कुछ देर में तो थोड़ी देर के लिए कपड़े क्या पहनू..

और निश्चिन्त से balcony cross कर ली नींद में.. 😂

फिर क्या था..

खाली तन पे ठंड हवा महसूस हुई और मुझे सांप ही सूंघ गया…. 😵

नींद तो नींद.. होश भी उड़ गया……… 😂

तब आंख के साथ साथ दिमाग भी खोल के देखी कि दरवाजा तो खुला हुआ है और सामने वाले परोसी के घर का light on है..

और ऐसा लगा जैसे किसी का आवाज भी आया मुझे…

अब मैं आपको बताऊं कैसे.. खाली बदन balcony के दरवाजे से पार जाऊं कैसे.. 😂

Hey sonu अभी मुझे हंसी आ रही है लिखने में लेकिन उस दिन सच मे मैं डर के मारे कांपने लगी थी.. कि अब क्या होगा। किसी ने देख लिया होगा तो .. और ऐसे में आपके बारेमे सब आपके घर पे बता देंगे तो..

और तो और … मुझे किसी ने ऐसे “नग्न अवस्था” में देखा हो तो 😨 आपके अलावे कोई और ऐसे देख लिया मुझे, ये बात भी मुझे परेशान करने लगी थी….

पास में मोबाइल भी नही था कि आपको बुलाऊँ और अपने कपड़े मंगवाऊं या door क्लोज करने कहूँ…

Luckily, सोफे का cover दिखा मुझे और मेरे दिमाग की बत्ती जल गई..

जोकि rarely जलती है… 😂

हालांकि वो कपड़ा इतना छोटा था कि मुझे ढाकने के लिए sufficient नही था.. लेकिन something is better than nothing सोच के, मन मे “आपका” नाम लेके, उस cover को अपने ऊपर ओढ़ के जो भागी .. दरवाजा cross करके .. आपकी ओर…..

जो भागी कि सीधा आपके रूम में जाकर ठहरी…. 😂😂

Actually ऐसी “अवस्था” में थी कि भगवान का नाम नही ले सकती थी न.. इसीलिए आपका नाम लेके भागी थी 😂😂

फिर वहाँ पहुंचते ही आपको आधी नींद में जगा दी और पूरी कांड कथा सुनाई…

हंसी भी आ रही थी, शर्म भी और डर भी लग रहा था.. 😊

कुछ देर के लिए आपके भी होश उड़ गए थे.. आधे नींद में जाग जाने के कारण आपके भी दिमाग की battery गुल्ल थी.. मुझसे पूछे, नंगी क्यों घूम रही थी पूरे घर पर….. 😂

गुस्सा भी आ रहा था आपको मुझपर, और हँसी के साथ साथ प्यार भी… लेकिन फिर थोड़ा सोचने समझने के बाद बोले, “अंधेरा बहूत है, चिंता मत कर, कोई देखा नही होगा…”

आपकी बात मान तो ली पर न जाने कितने दिनों तक चैन नही आया मझको…. मेरे साथ साथ आपका भी बुरा हाल था अंदर ही अंदर सोच सोच के कि क्या हुआ होगा… 😂 😂

फर्क सिर्फ इतना था कि मैं बताती थी जो सोचती थी, और आप छुपाते थे जो सोचते थे….. I think हमेशा.. ☺

आपका ध्यान भी उस दिन के बाद से हर दिन लगा हुआ था कि किसी ने by chance देख लिया होगा तो पूछताछ किया मुझसे, तो क्या जवाब दूंगा…..

But luckily किसी ने कुछ पूछा नही, शायद किसी ने कुछ देखा नही….

It means I was fast enough to run.. 😂😂 नाटी होने के बावजूद 😂😂

उस दिन की ये स्टोरी याद कर कर के आज भी हम दोनों खूब हस्ते हैं ना सोनू…. 😊😊

आपकी इस बेवकूफ जानू की छोटी सी कांड story… 😂

ख़ैर… अब आगे बढ़ते हैं अपनी ब्लॉग की स्टोरी में..

फिर घर की साफ सफाई करने लग जाती थी मैं.. जिसमे मुझे बहूत मजा आता था क्योंकि अपना घर ही लगता था वो.. अपने पति का घर.. आपका घर.. और आपको पता है ना, आपका हर कुछ मुझे बहूत प्यारा है… 😊
उसके बाद अगर रात के बर्तन रहते थे तो उसको धोने और आटे को गुथने के बाद ढक के चली जाती थी गर्म पानी का bucket लाने नहाने को… आटा नर्म होने में time लगता है इसीलिए नाहाने के पहले ही करना सही लगता था..
फिर गर्मागर्म पानी से नहाती थी आपके लाये pears और dove soap से। तब मुझे skin issues बहूत हो गए थे। इसीलिए हर साबुन suit नही करता था मझको। But u know मैं कभी कभी आपका soap भी use करके अपने एक शौक को पूरा किया करती थी 😊 अपने पति के लगाए साबुन से नाहाने का शौक.. वो feeling लेने के लिए कि “waao मेरे पतिदेवजी ने लगाया है ये साबुन और उनकी पत्नी होने के नाते मैं भी same साबुन से नाहा रही😝”। लेकिन आपको बताने में डरती थी कि आप गुस्सा करेंगे। क्योंकि आपको अपना साबुन ही लगाना पसन्द था। और मैं बेवकूफों जैसे शौक पालती हूँ आपको लेके 😁😂

U know, आपके घर पे इतनी सुबह रोज रोज नहाना day 1 से शुरू कर दी थी लेकिन पहले कभी pg में इतनी सुबह नही नहाई थी अगर कोई व्रत नही होता था तो.. ☺☺

व्रत से याद आया, हमारे साथ के उस incident को भी मैं यहां लिख देती हूं। क्योंकि उसमें भी मेरा आपके लिए जो प्यार छुपा था.. वो आपको बता सकूँ यहाँ। ताकि in future कभी आपको या मुझे उन यादों को मन में जीने का मन हुआ, तो इसमें पढ़ के ख़ुश हो सकें…. ☺☺

आपके आपरेशन के बाद मैं बहूत डरी हुई रहती थी अंदर अंदर। कभी भी कुछ आपको हो सकता है, ऐसा mind prepare करने की कोशिश करती थी हमेशा लेकिन कभी इस बात को accept नही कर पाती थी कि आप मुझे छोड़ के हमेशा के लिऐ .. 😢

एक दिन आपने कहा, “जानू आज मेरे colleague ने अपने परिवार के साथ मुझे शिव जी के बड़े से मंदिर मे ले के गए। वहाँ उन्होंने ही मुझे पूजा करवाया। और मुझे बहूत अच्छा महसूस हुआ। ऐसा लगा जैसे शिव जी ही मुझे बुलाये थे”।

आपके इस बात से पता नही क्यों मेरे मन मे ख्याल आया कि शिव जी भी चाहते हैं आप ठीक हो जाएं। ☺

आप तो fasting नही कर सकते ऐसे condition में। लेकिन मैं आपकी पत्नी होने के नाते तो कर ही सकती हूं आपके लिए। पत्नी अर्धांगिनी होती है। इसीलिए मैं करूँ या आप करें, बात बराबर हुआ न। और सावन भी आने को था।

बस, फिर क्या था। मैं internet पे पता करने लगी कि कौन सा व्रत करना सही है और शुरू कर दी शिव जी की उपासना… ☺

शिव जी की तो ऐसे भी मैं भक्त हूँ। उनकी पूजा आराधना करना मुझे बहूत खुशी देता है। ऊपर से अपने धरती के शिव जी के लिए, यानी आपके लिये, मेरे ऊपरवाले शिव जी से प्रार्थना करना था। अपने पतिदेवजी के लिए पहली बार कुछ करने का मौका मिला था.. मैं बहूत ख़ुश थी इस फैसले से और ये व्रत करते हुए।। ☺☺

सावन सोमवारी में सिर्फ 4सोमवार ही करना होता है। ये शायद कम पड़े मेरी इतनी बड़ी wish के लिये..

सोमवारी का नियम सब google की तो पता चला निर्जल व्रत करना चाहिए जोकि सम्भव नही था मेरे condition में।

मुझे भी एक बार ulcer की शिकायत हुई थी। Constipation तो बचपन से ही है। ऐसे में अगर ये व्रत उठाऊं और पूरे नियम से न करूँ या नियम से करने से मेरे शरीर पे कुछ बुरा असर पड़े तो व्रत भी पूरा नही कर पाउंगी ठीक से और अपने माँ बाप को भी चिन्ता में डाल दूँगी बीमार होकर।

तब मुझे सोलह सोमवार व्रत का पता चला कि ये निर्जल न भी करने से कोई बात नही। और मैंने इसके नियम सब भी लगे कि pg में रहकर पूरे कर पाउंगी।

व्रत का पूरा होना ज्यादा important था मेरे लिए। आपकी जिंदगी, आपकी लंबी उम्र और आपकी सेहत को ठीक करने के लिए।

पूजा शुरू करने के पहले google और youtube से पूजा विधि समझी। और उसके according pg में रहकर क्या क्या कर पाना मेरे लिए संभव होगा, ये plan की। फिर अपने तरफ से कुछ rules set की :-

  • हर सोमवार सुबह, शाम और रात तीनो time पूजा करना है।
  • हर सोमवारी की सुबह और शाम की पूजा में कुछ मंत्र, जाप, शिव चालीसा और आरती को जरूर शामिल करना है।
  • दोनों प्रहर, पहले गणपति जी से सोमवारी की पूजा सफल होने की प्रार्थना और उनको भी चरणामृत से नहला के, पोछ के, कुमकुम टीका और माला अर्पण, फिर पुष्पार्पण और नैवेद्य चढ़ा के आरती करनी है और इसके बाद ही सोमवारी की पूजा शुरू करनी है।
  • दोनों प्रहर यानी सुबह और शाम, शिव जी को चरनामृत से नहला कर पोछ कर चंदन टीका, माला, फल, बेल पत्र, etc चढ़ा के जैसा net पे पढ़ी थी कि कर्पूरगौरं शिव मंत्र के बाद ही शिव चालीसा, फिर 108 बार महामृत्युंजय मंत्र, फिर 108 शिव जी का नाम, एक और शिव मंत्र, सोलह सोमवारी कथा, फिर आरती के साथ पूजा समापन… ये सब regularly करनी है।
  • कहीं पढ़ी थी कि अगर 9.15pm पे शिव जी को दूध से स्नान करवाया जाए और एक मंत्र पढ़ा जाए तो रोग मुक्ति का उपाय मिलता है। सच या झूठ नही जानती थी। लेकिन मैं कुछ भी छोड़ना नही चाहती थी अपनी तरफ से। इसीलिए वो भी करती थी।
  • पानी पीते रहूँगी जब जब सहन न हो। फल भी कम से कम या ना ही लुंगी।
  • पूजा के वक़्त आपकी उस lady से भी प्रार्थना करूँगी आपसे अपना साया हटाने को ☺
  • दिनभर जाप करूँगी जब जब संभव हो ॐ नमः शिवाय का..
  • शिव पूजा के वक़्त पूरे शिव परिवार की आरती करूँगी।
  • सोऊँगी नही रात के अलावे कभी दिन भर
  • सोमवार के अलावे भी बाकी दिन सुबह और शाम में पूजा करूँगी गणपति जी, श्री कृष्ण और शिव जी का। क्योंकि एक भी दिन मैं उस lady को मौका नही देना चाहती थी आपतक पहुंचने का या आपका नुकसान करने का..
  • शिव जी का तो सुबह और शाम normal days में भी शिव मंत्र, जाप, चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और आरती करूँगी।
  • Non veg का त्याग कर दी थी।
  • शिव जी को बोली थी कि अगर कोई उनका ख्याल उनको प्यार मुझसे ज्यादा कर सके, तो उनसे ही शादी हो आपकी। फिर मैं चली जाउंगी। कहते हैं कि जो चीज आपको सबसे प्रिय हो, उसका त्याग करने से ही मनोरथ पूरी होती है। इसीलिए मैने ऐसा किया था… 😢
  • जितने सोलह सोमवारी में कुछ गलती महसूस की, उतना एक्स्ट्रा सोमवार करूँगी। और जो जो सोमवार गुजर periods में, उसके लिए भी एक्स्ट्रा 1day each।

नियम जो जो बांधी थी, वो सब मैंने पूरी निष्ठा और श्रद्धा से पूरा किया था पहले सोलह सोमवारी से। इतना सब भूखे हालात में करना बहुत मुश्किल हो रहा था मेरे लिए। कभी की नही थी न। लेकिन मुझे आपको “वैसे” खोने का डर ये सब सहन करवा दिया।। ☺

30जुलाई 2018 से शुरू की और दिसंबर 2018 को मैं सोलह सोमवारी व्रत के निस्तार की। लेकिन उसके बाद भी व्रत को और हर दिन के सबह शाम वाली पूजा को जारी रखी थी इस सोच से कि अगर छोड़ दी और आपको वो lady फिर से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो… 😢

इस व्रत को जितना सम्भव हुआ तपस्या बनाने का कोशिश की। लेकिन नही जानती कितना सफल हुई।

आपका ठीक होना लिखा ही था क्योंकि आप बहुत दान पूण्य और लोगों की मदद का काम सब भी करते हैं। रोज पूजा अर्चना भी करते हैं।

बस इतना है कि शिव जी ने मेरी जिंदगी को आपके साथ का इतना मौका दिया कि मेरी चिंता बहुत कम होगयी आपकी उस terminal बीमारी को लेकर। और कुछ नही चाहिए। जैसे भी हुआ, पर हुआ। और मैं देख पायी। यही चाहिए था।

आपके घर पे भी व्रत जारी रखी थी। हर रविवार आप मेरे लिए पूजा सामग्री लाते थे। और मैं सोमवार को करती थी। और आपके रहते करने का मुझे और भी खुशी होता था। हालात ठीक नही थे आपके घर पे क्योंकि इतना दर्द था मन में। लेकिन आपके लिए एक पत्नी के हक़ से व्रत कर रही ये सोच के खुशी होती थी।

घर पे 108times जाप नही करती थी क्योंकि सुबह में आपके लिए कुछ कुछ काम रहता था। और इतने सब मंत्र और जाप etc के बाद हिम्मत बहूत कम बचती थी मेरी pg में।

और आपके घर पे मेरे दोनों शिव जी की सेवा का जिम्मा ली थी। जिनके लिए आई थी उनकी ही सेवा ना करूँ तो ये ठीक नही ना। इसीलिये कम से कम ही रखती थी पूजा की विधि।

लेकिन पतिदेव जी माफ कर दीजिए। बहूत तंग किया मैंने आपको उस दौरान 🙏 सब चीजें भी बर्बाद करी आपकी। 😢

आपके घर से आकर इतनी टूट सी गई आपको खो देने के एहसास से और बीमारी सब के वजहसे इतनी कमजोरी आ चुकी थी मुझमे कि ना मम्मी पापा व्रत continue करने को allow किए और ना मैं कर पाने की हालत में थी।।

उस दौरान आप एक महीने जो घर पे रहे अप्रैल भर, आपने बताया कि आपकी हालात बहूत खराब थी। शादी के बाद भी एक दो महीनों तक आपको खून आता रहा। मैं कुछ महीनों बाद पूजा करना शुरू की हर रोज। लेकिन अक्सर रोना आता था पूजा के वक़्त। इसीलिए मन और ध्यान से नही कर पाती थी।

लेकिन फिर मैंने थोड़ा संभाला खुद को। थोड़ी strong बनी। और रोज पूजा करने लगी। धीरे धीरे एहसास हुआ कि मैं बीच मे ही बिना निस्तार किये छोड़ दी शिव जी का व्रत। इसीलिए मैंने रोज पूजा करना और साथ मे आपकी लंबी उम्र के लिए रोज महामृत्युंजय जाप करना शुरू किया। वरना दूर से आपके लिये कुछ ना कर पाने का दर्द और आपकी सेहत की चिंता मुझे चैन से रहने नही दे रही थी।। 😢

तो ऐसा था मेरा व्रत कथा ☺ अब आगे बढ़ते हैं…

नाहानेके बाद मेरी पूजा शुरू होती थी.. जिसमे सिर्फ गणपति जी, श्री कृष्णा और शिव जी की आरती.. शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र आपकी लंबी उम्र के लिए.. यही सब होता था.. कोई विधि नही मालूम थी। जो करती थी, सच्चे दिल से बस.. आपके घर पे आपके लिए अपना घर समझ कर खुशी से… 😊

उसके बाद पूरे घर पे दिए की आरती बिखेरती थी..

आपको आके आरती देने का मन होता था लेकिन डरती थी कि आप जग जाएंगे और गलत समझेंगे।। पूजा का नियम सब नही मालूम न आपकी इस मूर्ख पत्नी को.. 😔

इसीलिए confident नही रहती थी आपके सामने और ..

इसीलिए दूर से ही आपको आरती देती थी.. और कभी बताती भी नही थी..

My secret… 😊

और जिस दिन आप जग जाते थे या बाथरूम चले जाते थे, उस दिन नही देतीं थी आपको आरती.. बस मन मे देती थी..

और पता है पतिदेव जी, मैं भी नहीं जानती क्यों पर रोज मुझे आपकी आरती उतारने का मन होता था आपके घर पे पूजा के बाद.. लेकिन आपके reaction से डरती थी.. और इसीलिए सिर्फ़ होली में ही हिम्मत जुटा पायी लेकिन वो भी आपने मना कर दिया… 😔

पर एक चीज मुझे सुनने में आया था, कि चालीसा और आरती सबके कानों तक जाना चाहिए.. तब उसका फल सुनने वालों को भी मिलता है.. इसीलिए जिस रोज आप उसी पूजा वाले कमरे में होते थे और जागे से होते थे, उस दिन मैं जोर से गाती थी.. जोकि आप तक भी पहुंचे… ☺

इस तरह मन ही मन आपको प्यार किया करती थी मैं आपके घर पे… ☺☺

अब आगे बढ़ते हैं…

फिर आपके खाने की तैयारी करना.. बीच बीच मे आपको देखने जाना कि आप सो रहे ना… आपको आवाज़ ना जाये उसके लिए दरवाजा बंद कर देना आपके रूम का, और काम करना… लेकिन मैं ठहरी beginner इन सब की, इसीलिए बहूत सारी गलती और आवाज हो ही जाता था कितना भी सावधानी क्यों ना बरतुं… 😔

खाना बनाने तो बहूत खुशी से जाती थी, लेकिन tension भी रहता था बहूत की कहीं कुछ गरबर न हो जाये.. बुरा ना बन जाये.. वरना सोनू का सुबह ही बर्बाद हो जाएगा मेरी वजह से….

और सबसे बड़ा tension कि कहीं ऐसा ना बन जाये कि सोनू को blood आने लगे… लेकिन आप rarely बोलते थे कि आया आज..

जबकि recently मालूम हुआ कि रोज आता था आपको blood.. all because of my bad food… 😢

आपका ये बीमारी, the ulcerative colitis… इसको उस वक़्त तक समझ ही नही पायी रे मैं… क्या है, कैसे deal करें इससे.. क्या do’s क्या dont’s.. कैसे खाना बनाउं नही बनाऊं.. एक तो simple खाना बनाना भी नही आता था.. उसपे आपकी ये बीमारी सोच के और भी tension plus low confidence में ही खाना बनाती थी… 😢

Mostly आप ही बना देते थे free रहने पे..

अब मालूम हुआ कि रोज आपको कौन सी बात की इतनी tension रहती थी.. खाने के बाद आपका रोज खून निकलता था। और आप ये बात मुझे बताते नही थे, मुझे झेलते रहते थे चुपचाप…. और अंदर ही अंदर टूटे हुए से रहते थे… बीमार रहते थे इतना.. लेकिन बताते जताते नही थे ताकि मुझे उदासी और ना हो… 😔😢

और उसी हाल में आप मुझे इतना खुश और ठीक रखे.. मेरा बहूत ख्याल रखा आपने…

Recently जब आपने बताया.. रोज खून आने वाली बात.. मैं बहूत रोई.. मेरे कारण आपका health और भी बिगड़ गया उस रोज.. मेरे आने के पहले ठीक था.. लेकिन मेरे आते ही आप इतना ज्यादा बीमार पड़ गए.. और health down होगया और भी ज्यादा…

आपके पास गई थी आपका ख्याल रखने.. आपको ठीक और खुश रखने.. लेकिन सब उल्टा कर के आ गयी… 😢

मैं सचमुच मनहूस और अशुभ ही हूँ पतिदेव जी आपके लिए.. करना चाही अच्छा, लेकिन कभी मेरे रहते आपका कुछ अच्छा नही हुआ….

पर end तक 100% कोशिश की आपका अच्छा ही करने का.. हमेशा आपको प्यार, आपकी सेवा और आपका भला ही करना सोची… लेकिन उल्टा ही होते रहा… क्या करती पतिदेव जी.. मनहूस ही पैदा हुई हु शायद… 😢

U know, रोज night में next day के लिए एक बार कुछ youtube और गूगल से recipes में check करना भी one of the usual routines ही था almost मेरा.. “V” नाम से अबतक एक playlist है youtube में जहां वो अब dishes मैं रखी हूँ जोकि आपके लिए बनाना सोची या बनाई ..

Preparation से याद आया… सोनू पता है, मैं जब भी आपसे मिलने आयी, हमेशा कई सारे तैयारी के साथ आई.. 😊

बताऊं थोड़ा बहूत… 😊😊

जब पहली बार मिलने आने वाले थे आप.. तब आपने बताया था कि एक दिन मिलूंगा श्री श्री के आश्रम में जाकर, उसके बाद के दिनों में घर पर रहूंगा…

एक ही दिन मिलना था मुझे आपका… इसीलिए मैं सोची कि जो जो दिन आप घर पे होंगे हर उन दिनों में मैं खीर, रबड़ी और गाजर का हलवा etc कुछ कुछ एक एक दिन आपके घर के बाहर तक आकर पहुँचाऊंगी…. और इस बहाने आपको रोज कुछ मिनटों के लिए देख लिया करूँगी… 😊

लेकिन आपने आने से एकदम से मना ही कर दिया। U know सारे materials ले चुकी थी इन चीजों के लिए… 😔

फिर सोची कि मिलने के दिन आप दोपहर में घर का खाना खाएं इसीलिए कुछ बना के ले जाती हूँ। भोर 3बजे से उठकर उसी की तैयारी की थी। क्योंकि पता नही था कबतक बनेगा मुझसे।।

लेकिन जो बना था वो आपके taste के हिसाब से नही बना.. गाजर का हलवा में मीठा के वजहसे आप avoid किये क्योंकि आपकी हेल्थ पे बुरा असर करती थी। भिंडी और दाल भी रात तक खराब हो चुकी थी। मुगफली फल भी ली थी शायद.. याद नही 😔

Next time मिलने आये थे तो अपने घर से लाया हुआ induction और खाने पीने के ingredients जो भी संभव थे, possible kitchen kits, etc लायी थी। लेकिन बना कुछ भी नही। उल्टा वो रास्ते मे खाने से दो दिनों तक आप बीमार रहे…😢

Third time आये तो रसगुल्ले लायी। और कुछ कुछ ओके रास्ते के snacks। लेकिन उस वक़्त किसी के घर पे जाना था इसीलिए ज्यादा कुछ नही ली।

Fourth time आपके घर आने के पहले भी बहूत कुछ kitchen का ingredients ली पर आप बहूत कुछ कह कर मुझे लाने नही दिए कितना कुछ। जिसका जरूरत बाद में आपके घर पे महसूस हुआ और घर वालों से इतना कुछ लेने के लिए डांट पड़ा लेकिन आप… 😤

फिर भी मैं protein पाउडर का सामान ले ही आयी। और जाने के पहले बना ही दी। सुबह आपके office जाने के बाद शुरू की थी, और शाम को खत्म हुआ था बनना। और कितना कुछ भूल गयी थी उसमें देना जोकि पचने में help करता है।

Plus मैंने ulcer condition को सोच कर बनाया था। जबकि बाद में ध्यान आया कि आपका ulcerative colitis है। जिसमे खान पान में फर्क होता है। गरबर कर दी थी बहूत बड़ा वाला। इसके वजहसे आपको 2 3 महीने तक खून आता रहा इतना सारा बन गया था 😢

लेकिन मैं बोली थी आपको कि गाय या बाहरी कुत्तों को खिला देने। लेकिन आप न….

प्यार से सब खा के खत्म किए… 😢 क्या बोलू आपको .. जब आपको पता था कि इससे आपको नुकसान होगा तो ऐसा क्यों किये जान!? मैं कैसे खुश हो सकती हूं आपके इस हरकत पर जिससे आपका हेल्थ नुकसान हो… 😢

आप न.. समझते ही नही.. कुछ भी मुझे आपके जान की कीमत पर नही चाहिए। क्योंकि आपको वैसे खो के मैं खुद जिंदा नही रह पाउंगी इतना बड़ा सदमा लगेगा मुझे…. 😢

ऐसा लग रहा था जैसे आप अपने आप को नुकसान पहुंचा के मुझे मेरे प्यार की सजा दे रहे थे…

क्या बोलू आपको… 😢

खैर.. मैं बस बता रही थी हर बार के मेरे तैयारी और कोशिशों के बारे में… आपको सुविधा देने और ठीक रखने के लिए… और इस तरह से .. अपने तरह से आपको प्यार देने का…..

लेकिन कभी सफल नही हो पाई…. 😢😢

हमेशा fail होती रही… 😢

शादी के बाद भी fail होती तो मैं सह नही पाती… इसीलिए शिव जी ने नीलू को आपके लिए चुना। कम से कम मैं अभी आपको देख तो पाती हूँ…

लेकिन मैंने end तक कोशिश की और हार.. बार बार हारने के बाद भी कोशिश करती रही…

आप समझ ही सकते हैं कि मुझमे इतनी कमी होने के बावजूद मैंने आपके लिए हमेशा कोशिश की back up support बनने की। अगर आपकी किसी से शादी नही होती न, तो मैं आपसे शादी कर के अपने प्यार के भरोसे अपने कोशिशों को जारी रखती.. आपको ठीक करने के लिए… सब ठीक करने के लिए। क्योंकि तब do or die वाला बात होता मिरर लिए। और मैं आपको किसी हाल में जाता नही देखना चाहती थी। बर्दास्त ही नही कर सकती थी। खुद को सुधार देती आपको ठीक करने के लिए। लेकिन जब जब आपसे मिली, मेरे पास ना आपके साथ का भरोसा था.. ना आपके प्यार का.. इसीलिये ज्यादा हिम्मत नही आई मेरे अंदर कुछ ठीक से कर पाने की… 😢😢

चलिए आगे बढ़ते हैं.. सुबह खाना बनाने के रूटीन का बात बताई थी…

फिर आपके जागने पे खाना बनाते बनाते मेरा आप के daily routines को देखना..

आप उठते साथ गरम पानी पीते थे.. इसीलिए मैं पानी को छान के उबाल के रखी रहती थी mostly आपके जागने के पहले.. कभी कभी भूल भी जाती थी.. भुलक्करदास मैं.. 😔 और पता है सोनू, जब भी आप पानी पीते हैं, हमेशा मन करता है आपके मुंह से मैं भी पियूँ .. yummy ☺

फिर आप या तो कुछ देर थोड़ा सोचते थे bed पे बैठे बैठे, या फिर मुझसे बात करने आते थे और या कभी तेज़ potty आयी आपको तो आप सीधा बाथरूम भागते थे उठते साथ…

और मुझे tension होती थी कि पता नही आज क्या हाल है बेचारे सोनू का.. 😢 खून आया कि क्या..

आपके बाथरूम से आते ही मैं हर बार पूछती थी.. कभी कभार आप बोलते थे कि पेट खराब है.. तो आपके लिए चीनी नमक पानी का घोल बनाती थी.. चीनी में भी मैं आपके लिए Bangalore से ही sugar free लायी थी, mostly वही देती थी घोल में ताकि हानि न करे सोनू को…

लेकिन कभी rarely ही बोलते थे कि आपको blood आया..
आपके इन झूठ और छुपाने वाली आदत के वजहसे मैं बहूत suffer की ये believe करने में कि आपको मुझसे कोई feeling है भी या नही… 😢

फिर आप भी उसी शीशे के सामने खुद को देखते हुए brush
कई बार ब्रश या potty के बाद फिर से आप एक round मारते थे.. 😂 और फिर सुत जाते थे….

अक्सर 9बजे के आसपास पानी आता था और motor चलाने आप kitchen में आते थे। कभी कभी पानी आने का time सुबह 6बजे रहता था। कभी दोपहर 2बजे के आसपास भी आता था।।

आपको message आता था इसका.. और alert रहना पड़ता था। पानी के लिए अक्सर आप balcony के टँकी और घर के बाल्टियों में स्टोर करते थे पानी और मेरे जरूरत के लिए आपको रोज भर भर बाल्टी 7 या 8 बार सब जगह रखना होता था टँकी से लाके। कपड़े, किचन, घर सफाई और बाथरूम के लिए।

आपको बेचारे को अकेले करना पड़ता था ये सब। मैं बाहर balcony में नही जा सकती थी किसी के देख लेने के खतरे के वजहसे। वरना आपको ये सब करने ही नही देती और सुबह जल्दी जग कर ये सब काम पहले कर लेती…

ऊपर से रोज ऊपर वाली भाभी का पानी चुराने का कहानी लगा रहता था। आप बेचारे तंग तंग हो जाते थे क्योंकि बहूत जल्दी नल का पानी उनके कारण खत्म हो जाता था। बाथरूम के लिए भी नही बचता था…

मेरे जाने के बाद उनकी जो class लगाई आपने, अब तक भुगत रहे वो लोग… 😂

पर इस बात पर भी लगता था कि मैं नही जाती आपके घर तो अच्छा रहता। आपको इतना तंग नही होना पड़ता मेरे कारण…. 😞😔

कभी कभी सुबह के वक़्त आपको अपनी परोस की दिदिया का चेहरा देखने का मन होता था… उन्हें आप दिल से बहूत मानते थे…

आप कहते थे आजकल मेरा वक़्त ठीक नही चल रहा.. दिदिया का चेहरा जिस सुबह देख लेता हूँ, दिन बहूत अच्छा जाता है मेरा… ☺ और खिड़की से उनको खोजने लग जाते थे…. ☺☺

पर एक दिन ग़लती से आपके मुंह से निकल गया कि पता नही आज किसका चेहरा देखा हूँ सुबह सुबह, साला पूरा दिन खराब गया… और तब मुझे लगा मेरे कारण आपके दिन भी खराब जा रहे office में शायद.. क्योंकि रोज मैं ही अपना मनहूस सकल ले के आ जाती हूँ आपके पास सुबह में…. That day also i felt like सच मे आपके घरवाले सही समझे थे कि मैं अशुभ ही हूँ आपके लिए.. इसीलिए इतना बुरा बुरा हो रहा आपके साथ मेरे आने पे.. तभी तो रोज आपको अंदर ही अंदर परेशान देख रही.. 😢

उस दौरान मुझे period आया हुआ था.. एक लड़की ऐसे में थोड़ी excess sensitive होती है.. और मैं तो ऐसे ही इतना sensitive लड़कीं हूँ। किसी को दिलोजान से प्यार करो और उनके लिए ही अशुभ पाना ख़ुद को.. बहूत बड़ा दर्द है ये 😢 उपरसे इसी वजहसे मैंने आपको खोया, आपके परिवार वाले को मुझसे नफरत हुआ… 😢 इसीलिए मैं और भी उदास होगयी आपकी उस बात से ..

एक पत्नी का अपने पति को शारीरिक सुख और खुशी देने का जो फ़र्ज और खुशी होता है वो भी period के वक़्त आपको नही दे पा रही थी। इसीलिए और भी उदास रहने लगी थी। आपको मुझसे जुड़ने के बाद ही अपनी कुछ चिंताओं से कुछ देर के लिए break मिलता था। वो भी नही कर पा रही थी उसवक्त 😢

इसीलिए हम दोनों का मेरे period भर बहूत दूरी आ गया था। और तब तक मुझे जाने का दुख सताने लगा था क्योंकि 26 का ट्रैन था। जाते जाते भी आपको खुशी और सुख नही दे पाई इसका depression होने लगा था। 😢

लेकिन आप मुझे और रोकने की हिम्मत ले ही आये अपने अंदर। ☺ और 26 के 1 2 दिनों बाद ही हम लोग फिर से सेक्स कर पाए। और मैं निश्चिन्त हुई 2 दिनों के लिए। ☺ क्योंकि 31st को ही ट्रेन था again .. finally 😢

खैर.. अब आगे बढ़ते हैं..

कभी कभार आपका सुबह सुबह वो योगा और exercise करना… याद आता है.. push up मारते थे तब tension भी होता था कि आपके लिए इतना exert करना बॉडी को ठीक है या नही.. कभी कभार आपको कहती थी.. आप समझाते थे कि इसी से ठीक रहता है आपका..
फिर निश्चिन्त से आपको वो सब करते देखती थी और एक round और आपके प्यार में पड़ जाती थी… ना सिर्फ आप बहूत cool दिखते थे, बल्कि आपसे husband वाली vibes भी आती थी… 😊

इसके बाद आप इतना थक जाते थे कि सो ही जाते थे.. अब मालूम हुआ कि जिनका ब्लड आता था रोज, जो इंसान कुछ भी ठीक से खा नही पाते थे.. न दूध भी ले पाते थे… उनको exercise या sex के बाद कितना थकान महसूस होता होगा… 😢

कभी बताए नही कुछ.. सहते गए हरकुछ… अकेले…. मेरे रहते हुए भी आप अकेले ही रहे न… 😢

उसके बाद आप shaving करते थे.. कभी कभार नया नया look देते थे अपनी डाढ़ी को.. और मुझे कहते थे जानू देख कैसा लग रहा.. और मैं एक और round आपके प्यार में पड़ जाती थी .. 😊 और कहती थी, मस्त लग रहा सोनू… 😊 और आप खुशी से एक बार और mirror देखते थे और फिर अपने next task में लग जाते थे… 😊

और थोड़ा बहूत मुझसे बात करते थे..

मैं भी कभी kitchen में कुछ काम करते हुए, तो कभी आपके सामने दीवाल पे लटक कर खड़े हो के आपको निहारती रहती थी और सोचती आहें भर्ती रहती थी कि कुछ दिनों बाद मैं आपको ऐसे देख भी नही पाउंगी.. और बात भी करती थी आपसे… आपको कुछ से कुछ करते देखते रहना मुझे बहूत अच्छा लगता था.. मन ही मन आपको एक और round प्यार करती थी उस वक़्त.. 😊

उसके बाद आप नहाने जाते थे.. पूरा हाथ पैर और शरीर मलते थे साबुन लगा के.. अक्सर door बंद कर देते थे। लेकिन कभी कभी मैं चिरहाने के लिए खोलने कहती थी.. एक बार आपको साबुन लगाई.. और जाने के दिन आखिरी बार आप मुझे लगाए…….
फिर आप एक towel लपेट के अच्छे और सीधे साधे बच्चे की तरह पूजा में शांत होकर बैठ जाते थे.. मुझे एकदम भी नही आता पूजा करने। और आपको महारत हासिल है। एकदम नियम से और एकाग्र होकर पूजा करते थे आप। बीच बीच मे मैं रूम के बाहर से आपको खड़े होकर या बैठ कर देखती रहती थी कुछ देर.. और कभी मन मे कहती थी, मेरे सोनू को भगवान बहूत अच्छा लम्बा और खुशियों भरा जीवन दें, क्योंकि इतने नेक हैं ये कि deserve करते हैं ऐसा जिंदगी… फिर चुप चाप अपने काम मे लग जाती थी और आपका wait करती थी पूजा खत्म होने का..

कभी कभार आप मंदिर भी जाते थे.. और मेरे लिए अपने हाथों में प्रसाद लाकर खिलाते भी थे अपने हाथों से… उस प्रसाद का स्वाद ही अलग लगता था।। क्योंकि प्रसाद के बहाने आपके हाथों को भी taste कर लेती थी…

और आपके हाथों का खमीर… yummy….. 😊 similar to my mother.. 😊 क्योंकि उनके हाथों का साना हुआ कुछ भी बहूत yummy होता है।। 😊😊

ये बात आपने ही बताई थी मझको.. और कि हाथों की खमीर अच्छी हो तो दही में जमते वक़्त उंगली डालने से दही tasty बनती है.. ☺

Okay let’s go ahead….

लेकिन लगता था जैसे आप जरूर मेरे लिए ही कुछ मांगे होंगे और tension हो जाती थी मझको.. क्योंकि आप हमेशा मुझे खुद से दूर ही करना सोचे… दूर तो जा ही रही थी……..

और आपके बगैर जो जिंदगी होने को है.. उसमे मेरी आत्मा एकदम खुशी नही पा सकती.. क्योंकि मेरी सच्ची खुशी सिर्फ आपसे थी। अब आप ही नही तो जो हो, जो मिले न मिले, अब बस चले चलना है। जिंदगी काटना है…

ये सब आप समझते ही नही जान.. और मेरे लिए pray करते रहते हैं…

लेकिन भगवान के पास भी इसका कोई हल नही। आपके पास था। अब आपके पास भी नही। इसीलिए अब कुछ चाहिए ही नही। मैं materialistic नही हूँ। न ही प्यार को दोबारा कर पाने का स्वभाव रखती हूं।

प्यार, मेरे पति आप हैं। और आप ही नही मेरी दुनिया मे। इसीलिए जो हो जाये, मुझे मरने का ही इंतज़ार रहेगा अब। क्योंकि उसी दिन मैं आज़ाद हो पाउंगी इस शरीर और इस जिंदगी से… आपके बगैर वाली जिंदगी से….. 😢

और फिर आपके खाना खाने का तैयारी करना..

कुछ इस तरह दोनों साथ बैठ कर खाते थे…
अक्सर आप मुझे खिलाते थे..
कभी कभार मैं भी आपको खिलाती थी…

खाते वक़्त अक्सर आपका सोचना और मुझे हँसाना… लगा रहता था…

मेरा tension लेना कि खाना ठीक बना या नही.. लगा रहता था…

और आपका झूठ में कहना कि मस्त बना है जानू….. never stopped… ☺

फिर खाने के बाद plates और बर्तन सब दोनों रखते थे washbasin में..

फिऱ आप मुझे बर्तन में help करने आ जाते थे.. और मैं आपको भगाती थी तब आप जाते थे…
कभी कभार तो खाने के बाद भी हमारा सेक्स चलता था और आप उसके बाद कुछ देर bed पे पस्त… 😊
Then आप आफिस के लिए ready होते थे.. official कपड़े पहन के छा जाते थे।। लेकिन tension में सोचते हुए सब काम करते थे… और मैं देखती रहती थी आपको..
इसके बाद आप face पे कभी ख़ुद cream लगाते थे, कभी मझको कहते थे लगाने… और लगाते लगाते आपके क्रीम की खुशबू और आपका चेहरा देख कर थोड़ा और मंत्रमुग्ध हो जाती थी मैं… 😊
फ़िर उसी शिशे के सामने जा कर कंघी करते थे.. और एकदम सीधे साधे tension में दिखने वाला look देते थे.. मैं तबभी आपको देखते रहती थी और मन मे उदास रहती थी कि सोनू जा रहे मुझे छोड़ के…
फिर आप घड़ी पहन कर कयामत लगते थे.. हीरो के हीरो लगते थे… गोरे गोरे हाथों पे smart smart watch… good to watch… 😊
उसके बाद आप जो specs लगाते थे… उफ्फ… murder ही कर देते थे मेरा… इतने professional लगते थे कि फ़िर से एक round प्यार आ जाता था आप पे… 😊😊

पर आप इतने tension में होते थे कि कुछ ज्यादा कह नही पाती थी… और उसके बाद आप वॉलेट, bike key, hanky, pen etc लेके drawing room में जाकर shoes लेके sofe पे बैठ जाते थे…

Shoes पहनते हुए आपको मैं दूसरे सोफे पे बैठ कर देखा करती थी.. ☺ और upset रहती थी कि तुस्सी जा रहे… फिर भी smile करती थी। आप सोचते रहते थे.. और चुपचाप अपने office पहुंच जाते थे अपने mind में..
घर से बाहर निकलने के पहले मैं आपको hug करती थी और आप कहते थे जल्दी आने का कोशिश करूंगा.. कभी कहते थे आज थोड़ा काम है.. कभी पूछते थे क्या करूँगी मैं.. कभी कहते थे rest करना.. कभी सिर्फ hug करके kiss करके चलता हूँ बोल के निकल जाते थे दरवाजे के बाहर..

आपके दरवाजे पे जाने के पहले मुझे अंदर जाना होता था क्योंकि अगर कोई दरवाजे के आस पास रहे तो देखने का खतरा रहता था..

लेकिन आपके दरवाजे पे जाते ही अक्सर मैं शीशे के पास खड़ी हो जाती थी आपका आखिरी झलक लेने के लिए.. ☺ और कभी कभार आप मुझे वहाँ से देखते भी थे और कभी tension में चले जाते थे door lock करके…

कभी कभी आपको खिड़की से देखती थी आपका बाइक पे बैठ कर office जातेऔर फिर उदास हो कर बैठ जाती थी कुछ देर
आपके जाने के बाद मैं आपके घर को थोड़ा प्यार करने लगती थी.. ☺ बर्तन सब धीरे धीरे धोने लगती थी ताकि आवाज ना हो ज्यादा..
कुछ कपड़े अगर समझ आये तो वो भी धोने लगती थी..

कपड़ों से याद आया, एक तो पानी का काफी आपके वहाँ के घर पे दिक्कत रहती थी आपको। उसपे मैं कपड़ों या साफ सफाई या बाथरूम या नाहाने में बहूत ज्यादा पानी खर्च करते रहती थी और आपको ही लाना पड़ता था बाहर balcony से ढो ढो के.. 😔

उपरसे, मेरे कपड़े बाहर बहूत ध्यान से आपको ही डालना पड़ता था रोज रोज क्योंकि मैं ख़ुद balcony में जाकर नही डाल सकती थी.. किसी के देखने का डर था..

और आपको मेरे कपड़े कई आपके कपड़ों के नीचे डालने होते थे ताकि किसी को दिखे ना लड़की के कपड़े…

आपके वहाँ आकर जितनी आपकी मदद नही की, उससे कई ज्यादा आपको परेशान किया मैंने पतिदेवजी… हो सके तो माफ़ कर दीजियेगा🙏😢

खैर.. कभी कभार bed ठीक ठाक करना, या चीजें सही तरह रखना etc घर के कुछ काम करने के बाद bed पे लेट के recipes देखती थी..

उसके बाद कुछ देर चावल को धो के पानी मे फूलने देती थी। कहते हैं इससे गैस नही बनता पेट मे। फिर मैं सब्जी के लिए सब्जी, प्याज मिर्च etc काट लेती थी। डाल भी भिंगोये रखती थी कुछ देर।

फिर आपके आने के कुछ देर पहले चावल को चढ़ा देती थी। सब्जी भी बनाना शुरू कर देती थी अक्सर..

आवाज होने के डर से ज्यादा कुछ नही कर पाती थी आपके आने के पहले…. यही दिक्कत थी। वरना कभी आपको office से आने के बाद भूखे रहने नही देती थोड़ा देर भी… 😔😞

जब सब possible काम खत्म कर लेती थी तो आपके बारे में सोचते हुए अगर कभी रोना आ जाता था तो रोते हुए ही सो जाती थी.. कभी जगी जगी ही आपका इंतजार करती थी..

कभी call या msg में आपके आने का वक़्त पूछ लिया करती थी…

U know, जब बंगलोर में थी तब आपके कॉल message का अलग ही feeling था और यहाँ अलग.. वहाँ गर्लफ्रैंड वाली vibe आती थी, यहां पत्नी वाली…… दोनों का अपना ही मजा है.. 😊

फिर door खुलने की आवाज आती थी और मैं आपके अंदर आने का wait करने लग जाती थी.. और आपके आते ही आपको बिना सुस्ताने दिए, बिना shoe खोलने दिए, लपट कर गले लगा लेती थी.. और रोने के वजह से जो बुखार आया रहता था मुझे, वो एकदम ठीक हो जाता था…..

That feeling of your hug during those times, was amazing.. a healer.. a medicine for all my sadness, pain and loneliness…… ☺

ऐसा लगता था मानो आपको खोने के बाद दोबारा पा लिया हो… जान में जान आ जाती थी आपके आते ही… लगता था मानो किसी बहूत बड़ी मुसीबत से निकली हूँ आपके गले लगाते ही……..

जितनी देर आपके बाहों से दूरी रहती थी, उतनी देर वक़्त गुजरने की चिंता रहती थी.. आपके आते ही सब ठीक लगने लगता था, सारी तकलीफें कुछ देर के लिए मिट जाया करती थी..

सच मे जी चाहता था, आपकी बाहों में ही मर जाऊं उस वक़्त…. क्योंकि ऐसी राहत फिर कभी मिले न मिले………. 😢

आप भी मुझे गले लगा कि kiss कर के बहूत प्यार करते थे मुझे… उस कुछ वक्त के लिए आप सारी office की tension छोड़ कर मेरी चिंता करने लग जाते थे…

कि मैं अकेले रही इतनी देर, अच्छा नही लग रहा होगा, क्या क्या की होगी, सोई या नही, etc etc….

उसके बाद फिर आप आफिस के सोच में पड़ जाते थे क्योंकि मार्च का महीना था। काम बहूत था आपको। लेकिन आप मेरे लिए आ जाया करते थे जल्दी अक्सर…

बहूत कोशिश करते थे सब काम avoid करने का लेकिन न सिर्फ office का काम बहूत रहता था.. बल्कि घर पे रहने से भी आपको अगल बगल वालों के आने का चिंता रहता था। इसीलिए भी जाना पड़ता था और late तक रहना पड़ता था वहां……

कभी कभार आपके दरवाजा खोलने पे भी अगर मैं नही आती थी आपको hug करने और सोई रहती थी आपके आने के बाद भी तो आपको चिंता होती थी कि कहीं मेरी तबियत तो नही बिगड़ गयी। तब आप बिना हेलमेट उतारे और जूते खोले मेरे कमरे में आ के direct first thing आप मेरा temperature चेक करते थे सर पे.. और मेरी नींद खुल जाती थी कि मेरे पति आ गए… और आप पूछते थे कि मैं ठीक हूँ या नही। मैं कहती थी हाँ ठीक हूँ। आप बोलते थे झूठ नही बोल रही न। पक्का तू ठीक है… मैं हाँ रे, बोल के उठने लगती थी और फिर bed पे ही आप मुझे hug करते थे और सो जाने बोल के जाने लगते थे…..☺

लेकिन आपके आने पे और आपका वो प्यार और care पा के मैं depression से बाहर आ जाती थी और एक अलग एनर्जी आ जाती थी मुझमे। और मैं उठ जाती थी….

आपके आते ही आवाज ना करने वाली बंदिश हट जाती थी और बोली के अलावे बर्तन etc का आवाज allow हो जाता था..

इसीलिए बाकी बचा खाना पीना का काम पूरा करने में लग जाती थी और आप भी मदद करने आ जाते थे…

भगाती थी तो आप कहते थे आपको मन लगता है kitchen में, इसीलिए मैं आपको रोकती कम थी। और ऐसे भी आप कुछ भी मुझसे बेहतर ही करते हैं। सोच के और नही रोकती थी। बस आपका थकान सोच के बुरा लगता था….

फिर मेरे पतिदेव कुछ देर थक के लेट जाते थे.. या कभी कभी कहते थे छाछ बनाने दही रहने पे.. या कभी जूस बनाने… बनाने क्या बोलते थे, खुद ही बनाने लग जाते थे… कभी rarely मैं आपके आने के पहले ही बना के ready रखती थी छाछ.. अक्सर भूल ही जाती थी… और आपके आने के बाद ही बनाती थी… 😔

आफिस जाने के पहले सुबह और शाम आप अक्सर fruits खत्म करने का बात कह कर जाते थे… मेरे लिए हमेशा ले आया करते थे और मैं खाती ही नही थी… कितना सारा फल सड़ गया और फेंकना पड़ा था आपको मेरे कारण…

फल सब आप मेरे लिए लाते थे और आपको ही खत्म करना पड़ता था हमेशा… जबकि आपको नुकसान करता था…

लेकिन एक तो मुझे पसंद नही था। उपरसे आपका कहा मानती रहती तो हर रोज ले के आ जाते और पैसे उड़ाते मेरे पीछे.. मुझे अच्छा नही लग रहा था ऐसे ही कि आपका कितना खर्चा और नुकसान भी करा रही मैं…..

चीकू आपकी favorite fruit थी… जो खुशी से आप खाते थे… देख के मन खुश हो जाता था… ☺

आप कहते थे कपड़े से जूस निकालना better है। लेकिन मुझे एक तो कपड़े पे लगे साबुन और कपड़े की गंदगी जोकि नजर नही आती, उनसे डर लगता था और दूसरा कपड़े के रेशे से.. इसीलिए मैं अक्सर छन्ने पे निछोड कर ही जूस बनाना prefer करती थी।। लेकिन कभी आपका भी बात मान लेती थी .. लेकिन बहूत कम 😂

आपके पास रहकर ऐसा बहूत कुछ सीखी मैं… आपका एक एक मुश्किल चीजों में आसान वाला tricks… बहूत cool लगता था आपका ideas… ☺

जूस या छाछ पी कर आपको फिर से एनर्जी आ जाती थी और आप एक round सेक्स करके मुझे खूब प्यार करते थे… and your different styles and poses every single time… ☺

इसके बाद कुछ देर लेटने के बाद खाना पीना का तैयारी करते थे हमलोग… आपको और मुझे दोनों को tension रहता था कि आज कैसा बना होगा.. क्योंकि आफिस से आने के बाद अक्सर आप भी चेक करते थे सब्जी क्या बनाई हूँ। ☺

पर आप mindset करके खाने बैठते थे कि खा लेना है चुपचाप और कुछ नही कहना है बुरा होने पे भी.. और इसीलिए यही करते थे। पर मैं tension में रहती थी बुरा taste या गलत तरीके से बना होगा खाना तो न सिर्फ़ mood, बल्कि आपके तबियत के बिगड़ने के भी खतरा हो सकता था… डर भी लगता था आपसे।

लेकिन आप बेचारे सब सह लेते थे। और प्यार से खुद खा के मुझे भी खिलाते और थोड़ी बाते करके अपने बाकी चिंताओं में खो जाते थे…….

और खाना खाने के बाद फ़िर एक round हमारा सेक्स का हो ही जाता था अक्सर।। फिर आप कुछ देर सो जाते थे… और मैं chair पे बैठ के आपको देखते रहती थी…

अच्छा लगता था आपके जगने का इंतज़ार करना और सोते हुए आपको देखना… लेकिन तंग करने का इरादा होते हुए भी सोने देती थी। क्योंकि आपकी तबियत की बात थी।

उसके बाद आप office के time पे उठ के कपड़े पहन के .. सब चीजें लेके जाने लगते थे। और वही मेरा आपको जूते पहनते देखना.. आपके जाने के पहले hug करना और kiss.. आपका हेलमेट bike key और घर key लेके door open करना… और शीशे से आपका आखिरी झलक लेना… फिर आपका door lock करके चले जाना आफिस अपने बाइक से……

जाने से पहले मेरा पूछना कबतक आएंगे.. या आपका ख़ुद बताना कि जल्दी आने का try करूँगा…

शाम को light जला नही सकती थी आपके ना रहने पे क्योंकि जबको शक होने का डर था कि घर पे आपके absence में कोई है.. इसीलिए ज्यादा कुछ काम नही कर पाती थी…

इसका भी आपको चिंता रहता था और बोलने लगते थे शाम में आफिस जाने के पहले कि एक रूम का light जला देता हूँ। मैं बोलती थी कि रहने दिजीए क्यों फालतू में जलाना। इसकी जरूरत नही।

Bill आता ना जान ज्यादा आपका। बुरा लगता था। ऐसे ही खर्चे बढ़ गये थे आपके मेरे कारण… i was sorry…

फिर भी आप बाथरूम का लाइट जलाने कहते थे क्योंकि उस तरफ किसी को पता नही चलता उतना… I knew you were taking lot of risk for me every single day…..

शाम में आपके जाने के बाद थोड़े बर्तन साफ करना, थोड़ा पानी का उबलने देना… और jar में रखे उबले ठंडे पानी को किसी बर्तन या बोतल में डालना… रात के खाने की थोड़ी बहूत तैयारी करना.. फिर मोबाइल में कुछ कुछ देखना और सुर्यास्त होते ही शाम की आरती देना पूरे घर पे… और आपके आने के कुछ देर पहले मोबाइल का torch जला के रोटी और सब्जी का जो possible तैयारी हो सके, करना…

आपका इंतज़ार करना.. आपका आना और hug न kiss करना..

कभी कभार घर आने के पहले आप कॉल करते थे कि क्या सब्जी लाना है.. मुझे समझ नही आता था क्या बोलू, तो आप अपने मन से ले आया करते थे और अक्सर same सब्जी… क्योंकि आपको भी मालूम था कि मुझे खाना बनाने में मुश्किलें आती हैं इसीलिए आप simple way में जो बन जाये वही लाते थे.. आप मुझे लेके भी हर छोटी छोटी बातों का ध्यान रखते थे.. इसलिए भी लगता है आपका मेरे साथ वो सफर आपके लिए बड़ा त्याग, सहन और चिंताओं भरा था.. 😢

एक बार आप मेरे लिए एक special मिठाई लाये थे जोकि आपके वहाँ बहूत famous था… और मुझे बड़ी ख़ुशी से खिलाये थे… 😊

मुझे बहूत कम तरह के मिठाई पसंद होते थे, लेकिन आपका लाया हुआ वो मिठाई, बहूत yummy लगा था मझको.. एक तो को अच्छा था, दूसरा और सबसे special बात उसके पीछे आपका जो प्यार और feelings थी especially मेरे लिए, उसके वजह से भी मैं उस बड़े चाव से खाई थी…

आपको अगर मैं जताती कि आपका मेरे लिए कुछ भी लाना मुझे special ही feel कराता, क्योंकि अपने पति से कुछ भी मिले एक पत्नी को तो वो खुशी पाती है ये सोच के कि उसमें उनके पति का प्यार और बहूत ख़ुशी छिपी है। लेकिन अगर मैं आपको allow कर देती तो आप फालतू का दुनिया भर का खर्च कर देते मेरे ऊपर.. जबकि अपने लिए आप छोटा सा चीज लेने से परहेज करते है..

ऐसे भी मुझे जितना खुशी आपको कुछ देने में हुआ आजतक, उससे आधा ही खुशी आपसे कुछ लेने में हुआ होगा… मेरा बस चलता तो अपने पास जो भी है अच्छा, सब आप पर ही वार दूं..

मैंने आजतक बहूतों को बहूत कुछ दिया, लेकिन आपको कुछ देने का ख़ुशी सबसे अलग और बड़ा रहा… ठीक वैसे ही जैसे अपने माँ बापू जी को देने में खुशी और सुकून पायी हमेशा….. 😊☺

देखे थे आपके घर आने के पहले मैंने कितनी खुशी से shopping की थी कितने usual चीजों की, ताकि मेरे पहुंचते साथ आप पर load आ जाये..

और जो जो आपने मुझे लाने से मना किया और मुझे pg में छोड़ कर आना पड़ा, उन सब का जरूरत आन पड़ा था वहां…

खासकर के maggi… ☺

इसका story याद है पतिदेव जी.!? एक बार आपको maggie खाने का मन हुआ। आपके घर पे पतंजलि का आटा maggi था। मैं वही बनाई लेकिन एकदम अच्छा नही लगा हमे।तब आपको लगा मुझे maggi भी बनाने नही आता.. in fact मुझे इतना कम भरोसा था अपने ऊपर कि मुझे भी यही लगा ☺ और उसके next time आप बनाये। लेकिन वही taste। तब पता चला था हम दोनों को कि साला वो maggi ही खराब taste वाला था… वरना मुझे याद है कि जब घर और pg में मैं बनाई थी तब जबको अच्छा लगा था क्योंकि मैं कुछ कुछ add करती थी वहां। लेकिन आपके सेहत का सोच के simple बनाई थी इसीलिए शायद बुरा taste आया या क्या हुआ… ☺डर गई थी कि मुझे इतना भी नही आता
Dishes बनाने से याद आया, एक बार आप कड़ी पकोड़ा बनाये थे.. मुझे नही आता था। आप नीलू से कॉल करके पूछे थे। और अपना skills add करके इतना yummy वाला बनाये थे कि बड़े दिनों बाद मुझे और आपको खाने में taste और खुशी आया था और मन भरा था.. ☺ वरना मेरा रोज का खाना एक routine की तरह torture था… 😂 बड़े खुश हुए थे उस दिन दोनों और सेक्स तो amazing था उस दिन… 😂 kidding बाबा.. हर दिन हर बार का ही हमारा intimacy बहूत प्यार भरा, और extraordinary था…… 😊

मेरा लाया हुआ protein powder भी काम आया था एक दिन खाना में थोड़ा change के लिए… उसमे wheat का बना हुआ एक चीज भी लायी थी मैं, जोकि देने से taste अच्छा आता था.. आपको पसंद भी आया थोड़ा लेकिन बहूत ज्यादा बना दी थी जिसको खत्म करने में हालात खराब हो गया आपका।

और आपको blood भी आया था उस दिन ज्यादा। पेट खराब भी हुआ था बहूत। दूध और बाहर का चीज था उसमें besides protein पाउडर.. ऊपर से उस वक़्त घर का पानी भी अच्छा नही था। क्योंकि मेरे जाने के बाद आपको किसी पानी के कंपनी का पता चला था जोकि clean और safe था… शायद bislery. तो वो suit किया आपको….. ☺

जानते हैं सोनू, मुझे आपके वहां एक दिन भी खाना बनाने का आलस नही आया। आप मना करते थे किसी किसी दिन ताकि मुझे राहत मिले लेकिन मेरी खुशी आपके लिये cook करने में ही थी…

आपको मेरा हाल सोच के दया आता था, लेकिन अपने पतिदेव के लिए खाना बनाना एक पत्नी का सबसे बड़ा सुख होता है।

जब पतिदेव खा के खुश होते हैं तो पत्नी का पेट और मन दोनों बिना खाये ही तृप्त हो जाता है। ऐसा ही मुझे महसूस होता था जब मेरा बना एक आक चीज भी आपको भाता था…

जैसे वो टमाटर की चटनी… ☺ आपको दिल से ख़ुश देख के जो सुकून पाती थी, बता नही सकती वर्ड्स में….

देखते थे मुझे, जो लड़की कभी 5.30 पे उठने का आदत नही रखती थी, वो किसी के बिना कहे ही इतनी motivated थी कि जल्दी उठ कर सब काम .. even नहाना तक कर लेती थी…

जिस दिन भी अच्छा नही बनता था, आपके absence में मैं बहूत रोती थी..

इतने बड़े दर्द में भी मैं टूटी नही और हिम्मत से इतना कुछ की आपके घर पे… इतना sensitive nature है मेरा, इसके बावजूद… वो सिर्फ आपके कुछ से कुछ करते रहने के वजह से…

देखते थे, कभी कभार जब दर्द सहन नही होता था आपसे दूरी और आपको किसी और को प्यार और पत्नी का मान देते देख, तो आपकी सेवा आपको पानी या आपका मालिश करने आ जाती थी मैं…. बहुत उदास रहने के बाद भी वो तिनके वाली खुशी मुझे वो दर्द पार कर देने का सहारा बनती थी… ☺

आपके घर पे बीता हर वो लम्हा जब जब आपका आफिस, या आपका फ़ोन पे बात, या बाथरूम ही क्यों न जाना हो… हर छोटी छोटी दूरी खलती थी मझको…. क्योंकि एक एक वक्त आपके साथ मेरा बेशकीमती.. या सच कहें तो अनमोल था….

शायद इसीलिए आपके घर से आके मैं इस बात से इतना भड़की आपके ऊपर कि आप क्यों दोय मेरे इतने कम वक्त में से इतना ज्यादा वक्त किसी और को… 😢

पर आपकी मजबूरी और खुशी भी समझती थी, लेकिन समझना नही चाहती… क्योंकि पूरा जिंदगी आपका आपके परिवार के लिये था.. मेरे लिए तो उतना से ही वक़्त था न आपके पास… 😢

आज मेरा दर्द आपका प्यार पाने से कम, बल्कि आपको प्यार ना कर पाने, आपकी पूजा आपकी सेवा ना कर पाने.. आपके जिंदगी के हर अच्छे बुरे लम्हे में आपके साथ खड़े ना हो पाने… आपको कुछ ना दे पाने से है… 😢

काश अपने ये सारे जज्बात आपको पहले समझा पाती…

इस तरह आप समझ सकते हैं कि आपको कुछ देना मेरा कितना बड़ा शौक, कितनी बड़ी खुशी थी.. पर कुछ लेते वक्त थोड़ा चिंता भी रहता था कि अपने सोनू के साथ बुरा तो नही कर रही..

खैर… चलिए अब आगे बढ़ते हैं हमारी कहानी में…

आपके आने के बाद फिऱ आपका मुझसे बात करते हुए kitchen में help करना.. फिर आपका या मेरा फ़ोन आना या खुद सामने से फ़ोन करके घर पे बात करना..

या कभी कभी इस वक़्त भी एक round प्यार भरा सेक्स हो जाना हमारा….😊😊

और फिर बात करते करते खाने पीने की तैयारी करना… खाने बैठना साथ मे.. नोकझोक उस दौरान.. कभी newspaper पढ़ना…

फिर आपका घर पे बात करना.. मेरा बर्तन में लगना और फिर मेरा दूसरे रूम में जा कर रहना… बीच बीच में आपको पानी देने आना.. फिर आपका मालिश होना कभी कभार..

और फिर नीलू से आपका बात होना… मेरा उदास होकर रोना.. और फिर सो जाना…आपका बात खत्म करके मझे जगा के सोने ले जाना या मेरे पास ही सो जाना… और फिर सेक्स होना… और नींद लग जाना।।।

कभी कभार आपको मालिश करते वक़्त आप पर बहूत प्यार आता था.. 😊

आपके पीछे के तरफ cream लगाते वक़्त भी… और आपके सो जाने के बाद भी अक्सर late night तक आपको देखते या आपके बारेमे सोचते रहती थी… कभी सोचते हुए रोने का मन करता था और आपको जगा ना दूँ इसीलिए दूसरे कमरे में फैन चालू करके कंबल के अंदर रोती थी… तब सोती थी…

और आप ऐसे में रात को जग के मेरे पास आते कभी, कभी मुझे सोने देते पर एक बार देख के चले जाते…

मेरे जाने के एक रात पहले मुझे आप बोले कि आज मत जाना रात में मुझे छोड़ कर pls…

आपको रात में छोड़ कर जाने के लिए sorry सोनू… 😢😢 लेकिन इतनी देर के लिए आपको इतना दुख होता था.. मुझे पूरी जिंदगी के लिये आप छोड़ कर जाने को थे… ऊपर से मेरे रहते अपनी पत्नी को प्यार करते थे… कैसे कैसे बस मैं सारे दर्द अपने अंदर दबाए हुए थी… रात में depression ज्यादा होता है। इसीलिए मैं दूसरे रूम में अकेले चली जाती थी….

सुबह शाम रात कब आंसू नही रहते थे मेरी आँखों में। लेकिन आप आंखों के सामने थे इसीलिए हिम्मत करके हर दर्द दबाए हुए थी…

आप भी बहूत ज्यादा प्यार दुलार और care किये.. एक दिन मेरे पेट मे बहूत दर्द उठा था तो आपको बताने गयी थी आपके रूम में जहां आप नीलू से बात कर रहे थे.. आप तुरंत फ़ोन रखे और मुझे संभाले.. शायद वो दर्द ज्यादा इसीलिए होगया था उस दिन क्योंकि मन मे भी बहूत दर्द था उन दिनों…

आपका tension में तबियत बिगड़ने लगा था पर फिर भी आप मेरे लिए पुदीन हरा या कोई दवाई खोज रहे थे जिससे राहत हो…. 😢

एक रात हम दोनों बहूत emotional हो गए और रोने लगे थे.. आपको cream लगा रही थी चेहरे पे और आप एक गाना “हमारी अधूरी कहानी” का लगाए… और मैं अपने आंसू रोक नही पायी उस दिन आपके सामने।।।

आप मुझे समझाये कि तेरा प्यार तो जिंदा है, तू जब चाहे मुझे छू सकती है, मुझसे बात कर सकती है… पर मेरा प्यार तो मर गया। इस दुनिया मे ही नही है। मैं उसको देख भी नही सकता…. 😢

आपका उस वक़्त ये कहना कि आपका प्यार मैं नही बल्कि कोई और है… wrong timing सोनू। क्योंकि वो मेरे दर्द को बढ़ा दिया क्योंकि मुझे लगा अबतक मैं आपको नजर नही आयी, जोकि जिंदा और आपके आंखों के सामने है… 😢

उसके बाद जब आप दर्द में एक दिन गिर के नीचे बैठ गए थे… तब मुझे लगा शायद आप बस यूँही ऐसे… क्योंकि मैं बहूत दर्द में थी.. और मुझे मालूम था कि आपको मुझसे प्यार नही..

मुझे लगा आप मुझे बस यकीन दिलाने के लिए ऐसे किये.. कि आपको भी मेरे जाने से फर्क पड़ता है….

इसीलिए उस वक़्त I couldn’t feel much…

10 या 11 तारीख को आपको चिंता होने लगी थी कि आपको बाहर नागपुर etc जाना पड़ सकता है बीच मे.. या आपको painting करवाना है घर पे… official काम.. etc का.. होली के पहले भी जाने बोले थे क्योंकि लोग आना जाना करते आपके घर..

लेकिन फिर बोले कि होली के बाद ही जाना। तेरे साथ मनाना चाहता हूं उस दिन होली।

मुझे लगा आपको मुझसे बहूत पदेशानी हो रही होगी.. खाना बुरा बनाती हूँ, तंग करती हूं, बर्बाद नुकसान करती हूं.. और मेरे रहते आप ठीक से नीलू से बात नही कर पाते होंगे.. plus रोज की tension किसी के आने या किसी को मेरे होने की खबर लगने की…

इसीलिए मैं 13th को book कर ली finally 4th अप्रैल का टिकट, बैंगलोर से घर का। उसके पहले जब आप बोलते मैं चली जाती आपके घर से बंगलोर..

फिर बाद में आप हिम्मत किये और मुझे 26th को बंगलोर का टिकट cancel करने कहे। मैं की। फिर 31st का ली.. 1को पहुँच के pg से सब सामान निकाल के दीदी के यहां shift कर के घर जाना था मुझे लड़के वाले आने को थे…

पर फिर भी सब plan cancel कर सकती थी। लेकिन आपका tension देख के मैं जाना ही बेहतर समझी…

मुझे लगा आपको मुझसे प्यार नही हुआ इसीलिए मिरर जाने से फर्क नही पड़ेगा उतना… इसीलिए जल्दी जाना, जैसे ही आपका मार्च का महीना खत्म हो जाये.. मुझे सही लगा.. वहां सिर्फ़ आपकी जरूरत, आपके साथ के लिए आई थी ना पतिदेव जी.. अपने लिए कैसे रहती आपके साथ…

लेकिन अब पता चला कि आपको भी मुझसे बहूत प्यार था.. और उस दिन जाने के बाद आपकी हालात और तबियत बहूत बिगड़ गयी थी.. और ये सब जानने के बाद अपने उस दिन के फैसले पे बहूत तेज़ गुस्सा और अफसोस हुआ… थोड़ा दिन और रह जाती अपने पति के पास….. काश… 😢😢

कोई न.. उतना भी वक़्त आपके साथ नसीब में लिखा शिव जी ने… बड़ी राहत है वो। वरना जितना प्यार था मेरे अंदर, वो पूरी तरह दब के रह जाता और आपको भी महसूस नही होता मेरे इस प्यार का level…

Thank you पतिदेव जी…

जानते हैं… मैं कभी आपको सिर्फ अपना पति नही मानी.. अपने पतिदेव, अपने पतिपरमेश्वर ही मानी हूँ… शुरू से ही..

और शायद यही वजह था कि आपको मेरी भक्ति और प्यार का सच्चाई महसूस हुआ और आप अपने पहले वाले इतने गहरे प्यार के इतने painful दर्द से उभर पाए… ऐसे प्यार के दर्द से जिसके कारण आप अपना जिंदगी छोड़ने को उतारू हो चुके थे….

बहूत लड़कियां आयी आपकी दुनिया में, लेकिन आपने किसी को अपने दिल तक पहुंचने नही दिया।।।

लेकिन मुझे अपने दिल ही नही, अपनी आत्मा से भी जोड़ लिया….

जहां तक मैंने समझा है, गलत या सही .. ये आप जान लेंगे… लेकिन मुझसे ऐसे जुड़ने का वजह शरीर नही, हम दोनों के आत्मा का स्वभाव था… शायद आप मानेंगे नही इस बात को…

मैं शरीर से ऐसी नही जिससे आपको मुझसे इतना deep और intense attraction हो.. लेकिन आपकी तरह मेरे लिए सच्चे प्यार के लिए बहुत craze रहा.. हम दोनों over emotional हैं.. over sensitive भी… प्यार के लिए कुछ भी कर गुजरने का स्वभाव है हम दोनों में… etc..

जब आपके बीमारी का पता चला मुझे, मैं आपका साथ छोड़ने के बजाए आपको साथ रख कर शादी करके आपको ठीक रखने का जज्बा रखती थी..

मैं आपके बीमारी के वजहसे बहूत depression में रहती थी.. देखते थे ना, रोज रात रात भर आपको message करके अपना दुःख और दर्द जाहिर करती थी..

आप कितना कोशिश करते थे मुझे खुशी देने का, लेकिन फिर से मैं वैसे ही पहले जैसे उदास हो जाती थी… और आप मुझे खुश करने के लिए ख़ुद ख़ुश हो कर मुझे दिखाते थे..

इसी बहाने थोड़ी देर के लिए ही सही, पर आप भी खुश हो जाते थे क्योंकि आपको जितनी ख़ुशी अपने लिए कुछ करने में नही होती है, उतनी किसी और के लिए कुछ करने में होती है..

और इस तरह आप रोज नया नया तरकीब सोचते थे मुझे हँसाने, गुदगुदाने और खुशी देने का… ☺

कभी अपनी जिंदगी की कहानी सुनाते थे, कभी मजाक मस्ती, कभी आपके achievements, कभी आपके दोस्तों की कहानी, कभी अपने girlfriends और आपसे जुड़े लोगों की कहानी सुनाते थे मझको..

कभी सेक्स से related बातें बता बता कर मुझे excite करने का कोशिश करते थे लेकिन मुझसे ज्यादा खुद excited हो जाते थे.. 😊😊

जबसे आपकी जिंदगी में आई थी मैं, आपने बताया कि आपके अंदर सेक्स का जो बचपन से craze था, वो खत्म हो चुका था..

और उसी दौरान आपके सामने मेरा entry हुआ जोकि सेक्स के बारे में किसी भी जानकारी को कभी पाने का कोशिश नही की थी पहले कभी, इस इरादे से कि एक दिन अपने पति से ही मैं सब सीखूंगी और अपने पति के साथ ही जिंदगी में पहली बार सेक्स भी करूँगी…

मुझे जरा भी दिलचस्पी नही थी इस matter में शादी के पहले। आपको नही पता कैसे कैसे मैं भागी और बची हूँ अपने college life तक इस topic से..

लेकिन जब मुझे समझ आया कि आपको इसका बहूत craze अब भी है लेकिन अपने दर्द के वजहसे आप इसको दबाये हुए हैं अपने अंदर…

जब समझ आया कि आपको इसकी बातें करने में ही इतनी खुशी होती है कि आप अपना दर्द भी भूल जाते हैं… तब मैं फैसला की कि अब आपको अपना पति मानी हूँ तो आपसे ही ये सीख कर अपने पति का दर्जा और मान भी दूँगी आपको…

शायद मुझे सीखाते सीखाते आप फ़िर से जीने लगें.. शायद ऐसा करते करते आपके अंदर का ये craze बाहर आ सके.. शायद आप अपने दर्द को भूल कर नई शुरुआत कर सकें…

और आपके अंदर जो suicidal feeling है, जिंदगी से हताशा और निराशा है, वो खत्म हो पाए और आप भी शादी की life जीने के लिए फ़िर से अपने अंदर excitement ला सको…..

जबतक मेरे पास इतना सब वजह नही आ गया आपसे सेक्स related बातें सुनने जानने का, तबतक आपको रोके हुए थी.. याद है… ☺कितने दिनों बाद इन सब matters पे बात शुरू की थी मैं। हमेशा avoid करती रहती थी।

और आप भी न… इसी topic पे बात ले आते थे घुमा फिरा के… और इसके अलावे कोई topic में interest भी नही लेते थे उतना.. मुझे शुरू में बड़ी चिर्ह मचती थी।

लेकिन जब फैसला ले लिया तब पीछे मुड़ के भी नही देखी कभी… उल्टा और खोद खोद के पूछने लगी। आप बड़ी खुशी और excitement के साथ मुझे इसके बारे में बताते थे.. और आपकी जानकारी भी बहूत थी इनसब की… ☺😊

मेरी जैसी बेवकूफ को 0 से 100 तक पहुंचा दिया इसके बारे में बताते बताते… 😊 आपका कुछ भी सीखाने का तरीका मस्त होता है रे…!!

You are an awesome and exceptional teacher… Hats off to you my husband….!! ☺😊

और पता है, मेरी trick काम आयी 😊 आप के अंदर सेक्स भावना फिर से जगी। आप मिलने आये मुझसे तो शुरू में सेक्स का मन नही था आपको या मुझे.. लेकिन फिर मैं सोची कि आपको अपने पति का जगह पूरी तरह तभी दे सकती हूं और आपको खुशी भी तभी दे सकती हूं पूरी तरह, जब आपको अपना सर्वस्व समर्पण ना करूँ.. मन तन और आत्मा….

इसलिए मैं एक कदम और आगे बढ़ गयी..

मुझे मेरे एक life incident के वजहसे खतरा था, कि ले दे के यही virginity मेरा strength है कि अगर prove करना पड़ा तो इसका test दे के कर दूंगी.. और दूसरा ये भी दर्द था मन मे शुरू में कि आप तो मुझसे शादी नही करेंगे, फ़िर भी मैं आगे बढ़ गयी आपसे तो जिससे शादी होगी, वो समझ गया तो मेरे साथ कितना बुरा सुलूक करेगा.. मुझे छोड़ दिया या मुझसे प्यार नही किया इस वजहसे तो… ऐसे ही मेरी कुंडली मे लिखा है कि मेरे पति को मुझसे प्यार नही होगा…

इसी सब सोच से उस दिन पहली बार आपसे आगे बढ़ने पे, सेक्स करने पे, मैं दर्द में रोई थी छुप कर, जब आप सो गए थे.. लेकिन उस दिन मुझे पहली बार एहसास हुआ कि आपके लिए, आपको ठीक करने आपको प्यार और खुशी देने के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूं…

Anyways, ऐसा बहूत कुछ मैं अपने तरह से आपको प्यार दे के ठीक करने का experiment करते ही रहती थी.. जो तीर निशाने पे लग जाये… ☺

अकेले होते थे आप अपने घर पे, या सोते वक्त, या आने office में, तो आपको जो message भेजती थी, वो आप पढ़ पढ़ के मुझे लेके इतना tension ले लेते थे कि अपना tension और दर्द भी कुछ देर के लिए भूल जाते थे… सब न सही, कुछ कुछ तो पढ़ते ही थे…

आपका mind मैं हर वक़्त occupy किये रहती थी.. अपनी उलूल जुलूल बातों से… ☺

बाकी लड़कियां आपको खुशी देती थी, लेकिन मैं आपको बस अपना दर्द दिखाती थी.. और उस वक़्त आपका दिया एक छोटा सा भी खुशी मैं जब आपको बताती थी कि सोनू, आपके वजहसे मैं खुश हुई और ठीक हुई, तब आपको और भी motivation मिलता था और आप मेरे सारे problems दूर करने का मन कोशिश करते थे जिसके लिए आप खाली वक़्त में ये सब भी सोचते रहते थे….

आपको दर्द और दुख में देख के आपसे ज्यादा टूट जाती थी मैं… और आप मुझे हिम्मत देते देते खुद भी हिम्मत पाते थे…

इस तरह, मुझसे आपको reverse psychology के through वो support मिला, जिससे आप उभर पाए अपने उस गम से… अपने पहले प्यार की कड़वी यादों से.. खुद को punish करने के अपने इरादे से…

यानी आप उदास थे तो मैं खुशी देने के जगह, आपको motivational बाते बताने के जगह उल्टा ख़ुद और भी उदास हो जाया करती थी.. और तब आप हिम्मत करके अपनी उदासी कम कर के मुझे खुशी देने की कोशिश करते थे… और इस तरह आप थोड़ा सा हिम्मत और खुशी अपने अंदर जगा लेते थे…

Heal आप अपने नेकी, सबके प्रति आपकी करुणा, दयाभावना और भलाई करने के स्वाभाव से हुए…

आप मेरे बुरे हाल में मुझे छोड़ देते और आपको इतना तंग करने, irritate करने के मेरे बुरे nature के वजहसे मुझे खुद से दूर कर देते तो आप ठीक नही हो पाते…

और इसीलिए भगवान मुझे यानी मेरे जैसे बर्बाद और इतनी दुखी लड़कीं को आपकी दुनिया मे भेजे… आपको आपका स्वभाव ही सुधार सकता था और जीने की चेतना आपमे जगा सकता था…

मैंने ज्यादा कुछ नही किया। वही किया जो मेरा स्वभाव था। और प्यार टूट कर आपकी आत्मा से किया मैंने आपसे… और इसीलिए आप महसूस कर पाए मेरे प्यार को और मुझे अपने अंदर आने दिए… और आप इतना प्यार कर पाए मेरी जैसी बकवास लडक़ी को भी…. ☺

Thank you so much जान…

कैसे भी, पर मेरा प्यार मुक़म्मल हुआ…….

Moreover, सोनू मेरा complete dedication था आप पर… 24hours a day… हैदराबाद वाली लेडी के अपने बच्चे और परिवार थे। उनका सब अच्छा था, सूरत सीरत और intense प्यार भी.. नही था तो आपके साथ उनका future। इसीलिए वो आपको ऐसे impact नही कर पाई कि आप अपने प्यार से जुदाई का गम पूरी तरह भूल पाते… क्योंकि उन्हें ना पा पाने का सोच आपको दुखी ही करता..

लेकिन मैं आपका backup support बन कर खड़ी थी… हमेशा से। आपको अपने माँ बापू जी जैसा दर्जा दी अपनी जिंदगी में, और इन सभी feelings को prove भी की। सामने से सफाई दी जबकि आपने मांगा भी नही.. पर ये जरूरी था… future hope भी था मुझसे आपको.. कुछ भी हो जाये, मैं आपकी रहूँगी, आपसे शादी को हमेशा तैयार हूं, अगर किसी से आप न करो तो… ऐसा emotional support दिया मैंने आपको ..

मुझमे ऐसा कुछ गुण नही था जोकि आपको पसंद आता। न सूरत न ऐसा सीरत.. था तो बस बहूत गहरा और सच्चा प्यार और वो भी सिर्फ आपके लिए…. ☺

ऐसे में आपको लगता हो सकता है कि मैं इसीलिए आपके साथ हूँ क्योंकि आपमे इतना कुछ अच्छे गुण हैं।। आपको लग सकता होगा उस वक़्त कि मेरा प्यार बाकियों की तरह चेहरे और आपके अच्छे गुणों के वजहसे है.. जिससे मेरी जैसी लड़कीं को फायदा ही होगा..

क्योंकि मेरी कहीं शादी नही लग रही थी तो आपको लगा हो शायद इसी लिए आपको मैं ऐसे अपना बनाने का कोशिश कर रही…

लेकिन जब मैं आपके आपके घर आने को ready हुई आपकी शादी fix हो जाने के बाद भी, तब आप थोड़े sure हुए की मेरा प्यार आपकी आत्मा से है। मेरा प्यार आपसे as a whole है।। selfless है..

इसीलिए शुरू में आपको मुझसे इतना गहरा प्यार नही हुआ जितना अब है.. ☺

जब आपके साथ रहने लगी आपके घर पे और आपने देखा आपका सगाई मेरे प्यार को कम करने के जगह बढ़ा दिया… तब आपको 100% यकीन हुआ मेरी बातों, मेरे प्यार पर….

और तब आपको मुझसे ऐसा प्यार हुआ जैसा मुझे आपसे शुरू से था….

मेरे चले जाने के बाद मेरे हर पहलू और activity को सोचने समझने के बाद आप भी उसी जगह आ पाए प्यार में… जहां मैं कबसे आपका इंतजार कर रही थी……… ☺

इसीलिए I use to say…. I got u and your love, only by sacrificing you, that is by losing my everything… 😢😢

आपके घर से जाने का बात पहली बार 26 को उठा था.. लेकिन तब आपने मुझे रोक लिया और मुझे बहूत खुशी हुई थी कि चलिए आप भी अपनी खुशी से रोके एक बार at least मझको..

लेकिन उसके पहले ही मैं एक दिन आपके office जाने पे एक paper में कुछ पैसे रखी थी क्योंकि मेरे रहते आपका कुछ अच्छा नही हुआ बल्कि सिर्फ नुकसान ही हुआ, और उस वक़्त मेरे पास बहूत कम पैसे थे। जितने थे सब रख दिये मैंने और बाकी बस station तक पहुंचने भर रखी अपने पास।

एक pen भी रखी थी इस इरादे से कि आपको pen मिलना शुभ होता है तो मैं दूँ वो शुभता आपको..

और कृष्णा की वो मूर्ति भी उसमे रख दी जिसको हाथ में लेके मैं आपको याद करती थी.. वो आपको देके ये बताना चाही कि मेरे कान्हा, मैं आपको ख़ुद से आज़ाद कर रही हमेशा के लिए…

ये सारे चीज एक पेपर में करके शिव जी की मूर्ति के पीछे रख दी थी कि जब आप अपने घर की सफाई करवाएं तब आपको वो मिले और आप मेरा इरादा ख़ुद समझ जाओ…

लेकिन जब ट्रेन पे चढ़ी और tension हुआ कि by chance वो सब आपको ना मिल कर नीलू के आने के बाद मिला तो आपको पता भी नही चलेगा कि मैंने आपको जाने से पहले कुछ अपने तरीके से प्यार किया… ☺ इसीलिए आपको पहले ही ट्रेन पे रह कर बता दी थी…. ☺

आपके घर से जाने के एक शाम पहले मैं सारा कपड़ा आपकी अलमारी का iron की थी पानी दे दे के।। बहूत back pain हो रहा था लेकिन मैंने आपके घर पे रहकर आपको बहूत तंग, आपकी बहूत बर्बादी किया था। इसीका सजा खुद को मैं दे रही थी।

और उस रात जब आप office से आये थे, आपको बोली कि सोनू, आपके सभी कपड़े iron की as a sorry gift क्योंकि इसके अलावे क्या कर सकती हूं मैं ।। 😔

उस दिन भी आपने घर पे सबसे बात करा और फिर साथ मे दोनों सो गए..

वो आखिरी रात थी हमारी… आपने कहा, “आज मुझे छोड़ कर दूसरे रूम में मत जाना”। और मैं बोली ठीक सोनू…

दोनों सारी रात जगे थे.. आप मुझे हर वक़्त बाहों में लिए हुए थे… सुबह उठने पे सेक्स भी किये last last… लेकिन mood इतना off था कि दोनों अनमन तरीके से किये…

फिर आप उठे और बाथरूम गए। आपका उस दिन तबियत बहूत खराब था। मैं पूछी कि रुक जाऊं। आप बोले अरे यहां बहूत कोई है। तू जा..

फिर मैं चुपके से मौका देख के आपके मोबाइल से सारे chat, सारे location से अपने नंबर delete कर दी। ताकि जब मैं आपको छोड़ के जाऊं, तब आपके ऊपर से अपना बोझ और अपनी जिम्मेदारी हटा के जाऊं..

आपको अपने बुरे साये से, मुझसे आजाद कर दूं… ताकि आप ये ना सोचो मेरे जाने के बाद कि मैं किसी बुरे इरादे या ulterior motive से या आपकी नीलू या आपकी खुशी से आपको जुदा करने आयी थी…

तब आप मेरे लिए पनीर rice बनाने लगे, जबकि आपकी तबियत बहूत ज्यादा खराब थी…

मैं आखिरी बार आपके घर को पोछा करके प्यार की, आखिरी बार नाहा धो के, आखिरी बार आपके घर पे पूजा की और आपके पास एक आखिरी बार सिंदूर लेके आयी और आपसे पूछी, “सोनू, एक आखिरी बार मुझे सिंदूर लगा देंगे”.. और आपने कहा, “आखिरी बार क्यों, जब बुलाओगी तब आ जाऊंगा”।

और आपके पैर छू के मैं सोची कि नही सोनू,आपकी खुशी मैंने नीलू के साथ देखी है.. मेरे साथ बस मेरी खुशी के लिए आपने वक़्त गुजारा है.. इसीलिए अपने लिए आपको अब कभी नही बुलाऊंगी .. 😢

ऐसा सोच के जब मैं उठी तो आपने मुझे गले लगा लिया और आशीर्वाद दिया खुश रहने का.. मैंने कहा मुझे मेरे पसंद का आशीर्वाद दिजीए ☺ और आपने कहा, “सदा मेरी रहो”… बस मैं खुश होगयी… 😊

आपने मुझे एक pen दिया था जोकि आप बोले कि मेरे लिए ही लाये थे.. मैं मना की थी आपको क्योंकि आपका pen जाना ठीक नही होता आपके लिए। पर आप इतना बोले कि मैं मान गयी। पर उसी दिन सोच ली कि ये pen कभी इस्तेमाल नही करूंगी। ताकि आपका नुकसान न

फिर आप paneer rice पैक किये, मेरा सामान पैक किये, मेरा बैग साफ किये अपने इतने बुरे हाल में भी… मैं बस आपके एक रूम के bedsheet धोयी.. सोची मैं इतना गन्दा कर दी हूँ और आप धो पाएंगे अकेले या नही..

दूसरे रूम वाला भी धोना चाहती थी। लेकिन डर लग गया कि आज आपका डांट न सुनना पड़ जाए। एक bedsheet धोने पे डांटेंगे तो बोलूंगी कि दूसरा अपने धो के ख़ुश रहिएगा… पर गुस्साये नही 😂

और बाद में पता चला कि आप मेरी याद में उसी गंदे वाले bedsheet पे सोए थे कितने दिन जबतक कीड़ा नही लग गया उसपे… 😡 आप न..

फिर आप बहूत try किये कि आपका दोस्त मुझे छोड़ने के लिए time पे आ जाये.. लेकिन जब वो नही आया तो आप बोले चल तुझे मैं ही bike से छोड़ दूंगा और तेरा आखिरी wish भी पूरा कर दूंगा…

और उस एक line से आप मेरे superstar बन गए… 😊 इतना heroic style आपका वो भी आपके इतने down health में.. कि मैं अवाक रह गयी..

and I was so touched कि आंसू ही निकल गए थे उस वक़्त मेरे.. क्योंकि जाते जाते भी आपने मेरी सारी wish पूरी करने की सोची… पर आपको बताई नही मैं कि मुझे बहूत रोना आ रहा था.. वरना आप भी रो देते..

फिर आप बोले चल बाल ठीक कर के ready हो जा.. मैं बोली, छोड़िए ऐसे ही चलते हैं, मन नही…

अब किस के लिए तैयार होती रे… मेरे पतिदेव जी ही मुझे छोड़ रहे थे जबकि .. 😢

आपने अपने घर के बाहर door के छेद से देखा कि कोई है तो नही। फिर मुझे बोले तू हैंडबैग लेके निकल, मैं trolley लेके आ जाऊंगा..

मैं आपके घर से कदम बाहर कर के दहलीज छू के आखिरी प्रणाम की आपके घर को और चली गयी आगे….

जी भर के न आख़िरी बार आपके घर को देख पायी और ना ही आपको गले लगा पायी.. बहूत tension का माहौल था.. बहूत दुख भरा भी..

निकलते ही याद आया कि मेरा मोबाइल रह गया आपके table पे, मैं सीढ़ी से ही चिल्ला दी कि मोबाइल रह गया। आप बोले मैं ले आऊंगा। फिर मैं चली गयी आपके बताए जगह के दूसरे तरफ…

आप आये bike trolley और mobile लेकर.. उस वक़्त आपको देख के मैं फिदा ही होगयी..

आपके बाइक पे बैठ कर trolley आपके और मेरे बीच रखी और आप start किये… मेरा आपके साथ bike riding का सपना पूरा हुआ…

बीच मे trolley बैग वाला pic नही मिला मुझे 😝

खुशी के मारे मैं रास्ते भर चिल्लाने लगी “I love you” “I love you sonu” ummaah… Yuhoooooo…..

इतना खुश हुई इतना चिल्लाई और रास्ते भर तंग की आपको, कि कुछ देर के लिए भूल ही गयी कि ये मेरा पहला और आखिरी सफर है आपके साथ…

Trolley नही होता तो आपको और भी तंग करती.. पर your good luck.. ☺

लेकिन आप इतना अच्छा drive किये, और इतना safe कि डर ही नही लगा मुझे। पापा के पीछे जैसे मैं बैठी हुई हूँ। ठीक वैसे ही..

Bus stand आया.. bike से उतरी तो मेरे आगे के बाल एकदम साफा चट हो चुके थे 😂 और आप मुझे देख कर बोले कि रुक मैं बस का पता कर के आता हूँ..

फिर हम दोनों बस पे चढ़े.. आप सबसे पीछे एक सीट पे मुझे बैठा दिए और bag रखे तो आपके पैर भी ठीक से मन भर छू नही पायी और न गले लग पाई..

आप बोले कोई बात नही, लेकिन बात मेरे लिए थी.. व्व आखिरी बार था उस दिन.. उसका खुशी भी नही ले पायी मैं… 😢

बस पे बैठे मैं आपको देखने लगी खिड़की से। आप ओले पल पल की खबर देना। कोई दिक्कत हो बताना। और call करना पहुँच कर..

मैं हाँ तो कर दी लेकिन मैं जानती थी मन मे कि अब आपको आज़ाद कर रही खुद से.. कैसे कॉल करूँ। नंबर दे के दोबारा आपके ऊपर अपना बोझ नही डालना चाहती थी.. और आपको तो नीलू से प्यार था न.. जोकि मैंने महसूस किया था आपके घर पे। तो आपको उतना फर्क नही पड़ेगा…

यही सोच रही थी कि बस start हो गया.. आप मुझे पैसे दिए और विदा कर दिए.. आप मेरी ओर देख नही रहे थे.. बस चला तो कुछ दूर दौर के आये।। फिर बस रुक गयी। मुझे मन हुआ उतर के गले लगाने का। लेकिन फिर सोची आपको इससे फर्क भी पड़ेगा या नही.. उस feeling में सिर्फ़ मैं रही तो आपको बेकार में पदेशान होना होगा दूसरे बस के लिये…

ये सोच कर मैं चुपचाप चली गयी.. सोची सब खत्म। अब न सोनू का call आएगा और न msg.. क्योंकि मैंने तो नंबर delete कर दिया… 😢

रोने लगी मैं बस पे सबके सामने। एक औरत पूछी कुछ। मैं ignore कर दी। फिर आपका कॉल आ ही गया। मैं डर से कांपने लगी। जैसे कोई सांप सूंघ गया हो।।

दो बार आप call किये लेकिन मैं नही उठायी। सोची कि अगर आप तुक्का लगा रहे हों तो मैं confirm नही करूँगी… फिर आप message किये।। “इतने दिन में ये भी नही जान पायी की मेरा memory कितना sharp है। याद है तेरा नंबर”

ये पढ़ कर और भी रोने लगी… 😢 आपने बहूत कॉल मैसेज किया.. “एक बार बात कर ले। देख मुझे रहा नही जा रहा। बहूत दर्द हो रहा।” मैं सोची कि मेरे से आपको अब क्यों फर्क पड़े। आप मेरी खुशी के लिए ये सब कह रहे.. मेरा मान रखने के लिए.. क्योंकि मैं आपके लिए आई थी आपके पास..

लेकिन बाद में पता चला आपका रो रो के हालात खराब था बस स्टैंड पर ही। जैसे तैसे आप बाइक पे बैठ कर घर जाने लगे तो आप रास्ता भटक गए। एक जगह traffic signal पे रुके तो वहां जोर जोर से रोने लगे बिना किसी की परवाह के… traffic police आपको आके पूछा क्या हुआ.. फिर आप हिम्मत करके जैसे तैसे घर पहुंचे….

मेरे पास पैसे उतने नही थे। मैं atm से पैसे उठायी ट्रैन स्टेशन पहुंच के और फिर ट्रैन का wait करने लगी और आपका सोच सोच के रोये जा रही थी बैठे बैठे…

आपका मैसेज पढ़ कर आखिरी बार ट्रैन आने के बाद और चढ़ने के पहले आपको मैसेज की कि आप बोलेंगे तो नहीं जाउंगी। लेकिन आप बोले कि चली जा। तब मैं सोची कि अब न मुझसे आपको खुशी मिलेगी, न मेरे वापस आने से आपको शांति क्योंकि बड़ी मुस्किल से आप निकाले थे घर से मझको.. कोई देख लेगा दोबारा जाने से तो आपके ऊपर मुसीबत आ जायेगी।

फिर मैं ट्रैन चढ़ गई और आपको मैसेज करने लगी..

तो इस तरह हमारा वो 26 दिनों का सफर बीता… बीच में होली का त्योहार आया था जिसका blog भी मैने लिखा है अलग से… उन कुछ दिनों में ही पूरी जिंदगी जिया हमने… जैसे एक पति पत्नी जीते हों……..

आपकी पत्नी नीलू ने जिस तरह भगवान का व्रत करके आपको पाया है .. और इसीलिए आप उनके कृष्णा बन गए..

उसी तरह मैंने भी आपकी यानी अपने शिव की तपस्या करके, हर प्यार के इम्तेहां को पार कर के आपको पाया है पतिदेव जी.. इसीलिए आप मेरे शिव बन गए… क्योंकि पार्वती ने भी शिव जी की तपस्या करके उन्हें पाया था..

  • मैंने अपने शरीर के nature से fight किया..
  • बहूत sensitive हूँ, लेकिन आपके लिए आपकी कही हर तकलीफ देने वाली आपकी बातों और हरकतों को accept किया।
  • आपने december 2017 को मुझे rudely ठुकराया था क्योंकि मैं आपको long message करके तंग करती थी। कितने दिनों तक आप मुझे इग्नोर किये।
  • आपने गाँव जाते वक्त मोबाइल चोरी होने के वजहसे बात नही किया 1महीने के आसपास तक। ख़ैर ये समझ सकती हूँ आपका fault नही था लेकिन उस बीच वहाँ एक lady को आप kiss किये ..
  • आपने Feb 2018 में मुझे ये कहकर छोड़ दिया था कि मैं मनहूस हूँ आपके और आपके परिवार के लिए..
  • आप operation के बाद मुझे भूल गए और बताए भी नही कि आप कैसे हैं। और वहाँ भी एक lady को kiss किये..!!
  • मेरे रहते आप किसी लड़कीं से video call में open किये और video सेक्स किये..
  • मेरे रहते कितनी लड़कियों से आप ऐसा बात और मैसेज और call करते थे उस वक़्त जब मैं रात को आपसे बात का इंतज़ार करती थी बेशब्री से.. whatsapp पे online रहकर reply नही करते थे कितने देर तक और उसके बाद रिप्लाई में कभी कभी direct कहते थे good night।।
  • इतना सब के बावजूद मैं आपसे प्यार करते रही और जब operation के बाद मुझे यकीन होगया की आप मुझसे शादी दूर की बात है, कभी प्यार ही नही कर पाए… तो भी मैं आपको प्यार करना नही छोड़ी।।
  • आपसे मिली आपको खुश रखने की कोशिश की। आपको ठीक रखने की कोशिश की।
  • आपको अपने व्रत से ठीक करने की कोशिश की
  • जब भी मिली आपसे, आपको भर भर के प्यार दी अपने तरीके से।
  • आपके और आपकी फैमिली को भी प्यार दी अपने तरीके से।
  • आपकी शादी fix होने के बावजूद आयी आपके पास आपके लिए।।

ये सब मेरी तपस्या ही थी न अपने शिव जी यानी आपके लिए…. इसीलिए एक और वजह मिल गयी.. इस बात की पुष्टि की.. कि आप मेरे शिव हैं….. ☺

Distance makes us love each other more…
It is not just a promise.. but a fact as well.!!

जन्मों से आपकी थी या नही,

मालूम नही।

अब हर जन्म के लिए आपकी हूँ..

मानो या नही।।

Always yours my love.. 🌹💕💝💕🌹

I will die but my love for you won’t die ever..!!!

एक और सच कहूं पतिदेवजी…

सच में रे… आपमे मेरे शिव जी, श्री कृष्णा, और श्री राम जी के गुण मौजूद हैं। आप सा इंसान नही देखा कभी मैंने.. और न होगा कोई पूरी दुनिया मे..!!

3 supreme entity in 1..🙏

आपसे मिलना, आपको प्यार कर पाना, आपकी सेवा और पूजा कर पाना.. सचमुच एक बहूत बड़ा सौभाग्य है।

ज्यादा वक्त नही मिला मुझे। न मिलेगा। लेकिन एकबात सच है। सिर्फ़ आपके साथ ही थोड़ा बहुत जी पायी मैं खुल के… Divine love and feelings का भी एहसास आपके साथ ही हुआ मुझे…. किसी और के साथ नही होगा अब।

सच मे मेरे भगवान हैं आप।🙏